Search
  • जनकवि निर्दलबंधु ।।

चेत जरा इंसान ।।जनकवि निर्दलबंधु

जमाना कितना बिगड़ गया अब चेत जरा इंसान । कलयुग नंगा नाच रहा है अब देख जरा भगवान ।।

ऐश भोग भक्षण में डूबी धरती ये हवस तमस के शैतान । मां माटी के रिश्ते तार-तार हुए शर्मसार हुआ है देश महान ।।

मस्त मगन है कुर्सियों में ये राजा मंत्री और दीवान । अरबों के विस्तार में है यहां ये योगी जोगी संत महान ।।

0 views
  • Facebook
  • Instagram
  • YouTube